RSS समेत 19 हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का ब्योरा मांगे जाने पर सियासी “भूचाल”

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पटना : बिहार पुलिस के स्पेशल ब्रांच द्वारा सभी जिलों को पत्र लिख कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) समेत 19 हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का ब्योरा मांगे जाने का पत्र सामने आने पर अब सियासी भूचाल आ गया है. नेताओं ने मामले को राजनीतिक रंग देना शुरू कर दिया है. पत्र को लेकर एक ओर जहां विपक्ष बीजेपी-जेडीयू गठबंधन पर चुटकी ले रहा है, वहीं बीजेपी नेताओं ने सरकार के इस कदम का विरोध किया है. सरकार प्रदेश में चल रहे तमाम संगठनों पर समय-समय पर स्पेशल ब्रांच के जरिये नजर रखती है.

बीजेपी ने आरएसएस समेत 19 हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का ब्योरा मांगे जाने पर विरोध जताया है. बीजेपी ने कहा कि आरएसएस ऐसा संगठन है, जो देश और राष्ट्रहित के लिए काम करता है. बीजेपी विधायक नितिन नवीन ने विशेष शाखा द्वारा आरएसएस समेत 19 हिंदू संगठनों की जांच पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि आरएसएस का जीवन खुली किताब की तरह है. वहीं, बीजेपी नेता संजय सरावगी ने पत्र निर्गत करनग्पर आपत्ति जताते हुए निर्गत करनेवाले अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की.

विपक्ष ने ली चुटकी

आरएसएस समेत 19 हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का ब्योरा विशेष शाखा द्वारा मांगे जाने पर विपक्ष ने चुटकी ली है. विपक्षी दलों ने मामले को लेकर बीजेपी-जेडीयू का अंतर्विरोध बताया है. आरजेडी नेता भाई वीरेंद्र ने मामले पर कहा है कि सरकार आरएसएस पर जांच करा कर नकेल कसने की कोशिश कर रही है. साथ ही उन्होंने बीजेपी-जेडीयू गठबंधन जल्द ही खत्म होने की भी बात कही. वहीं, आरजेडी विधायक अनवर आलम ने आरएसएस पर प्रतिबंध की जरूरत बतायी. इधर, विपक्ष में शामिल कांग्रेस के नेता प्रेमचंद मिश्रा ने आरएसएस के पदाधिकारियों का ब्योरा मांगे जाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि एनडीए सरकार में सबकुछ ठीक नहीं है. साथ ही उन्होंने सरकार द्वारा करायी जा रही जांच का स्वागत किया है.

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